कवर्धा/नववर्ष 2026 की शुरुआत छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक रही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले के भोरमदेव धाम में भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।
स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भोरमदेव को “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” बताते हुए कहा कि यह स्थल हजार वर्षों की साधना, स्थापत्य और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है।
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि यह परियोजना आने वाले हजार वर्षों तक भोरमदेव मंदिर की विरासत को संरक्षित रखने का कार्य करेगी।

