रायपुर/छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज 15 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गया, लेकिन खरीदी के पहले ही दिन व्यवस्थाएँ पटरी पर नहीं दिखीं। राज्य भर के कई धान खरीदी केंद्रों में PACS कर्मचारियों की हड़ताल का असर स्पष्ट रूप से नजर आया।
कई केंद्रों में मशीनें बंद रहीं, धान की जांच नहीं हो सकी और किसान घंटों लाइन में खड़े रहे। इसके चलते बड़े पैमाने पर खरीदी का काम शुरू ही नहीं हो पाया। किसान इंतजार में रहे और केंद्रों में सन्नाटा छाया रहा।
इसी स्थिति को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी और लापरवाही का सीधा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
दीपक बैज ने आरोप लगाया—
“धान खरीदी केंद्रों में सन्नाटा है। कर्मचारी हड़ताल पर हैं और किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे। सरकार को तुरंत कर्मचारियों से संवाद करना चाहिए। कांग्रेस हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के साथ है और धान खरीदी की स्थिति पर पूरी निगरानी कर रही है।”
कांग्रेस का कहना है कि हड़ताल की वजह से किसानों की दिक्कतें बढ़ रही हैं और प्रशासन को तत्काल पहल करके स्थिति सामान्य करनी चाहिए।

