रायपुर/छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने मनरेगा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। एक दिवसीय रायपुर दौरे पर पहुंचे पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाकर इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। इसके विरोध में कांग्रेस प्रदेशभर में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान चलाएगी।राजीव भवन में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) और नव नियुक्त जिला अध्यक्षों की संयुक्त बैठक के बाद सचिन पायलट ने आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
गांधीवादी तरीके से आंदोलन
सचिन पायलट ने कहा कि मनरेगा गरीबों और वंचितों का अधिकार है। इसे कमजोर करना सीधे तौर पर आम जनता पर हमला है। कांग्रेस इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से आंदोलन करेगी।उन्होंने बताया कि विधानसभा का घेराव किया जाएगा और उपवास भी रखा जाएगा।
10 जनवरी से अभियान की शुरुआत
कांग्रेस 10 जनवरी से 26 फरवरी 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान चलाएगी।
10 जनवरी: सभी जिलों में जिला कांग्रेस कार्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस
11 जनवरी: जिला मुख्यालयों या महात्मा गांधी/डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के पास एक दिवसीय उपवास
गांव-गांव जाकर जनसंपर्क
12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान:
ग्राम पंचायतों में चौपालें
मनरेगा श्रमिकों से संवाद
नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण
कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के पत्र ग्रामीणों तक पहुंचाए जाएंगे
धरना और ज्ञापन
30 जनवरी: वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना
31 जनवरी से 6 फरवरी: जिला स्तर पर ‘मनरेगा बचाओ’ धरना
इस दौरान कलेक्टर/डीएम कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर विधेयक वापस लेने की मांग का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव
सचिन पायलट ने बताया कि 7 फरवरी से 15 फरवरी के बीच राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव किया जाएगा। इसमें अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया जाएगा।सचिन पायलट ने सभी जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें, क्योंकि यह सीधे जनता के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है

