रायपुर/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से आत्मीयता से चर्चा करते हुए उनके क्षेत्रों की स्थिति और चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने जनसेवा की शुरुआत पंच के रूप में की थी, जिसके बाद सरपंच, विधायक और सांसद के रूप में जनता की सेवा करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है। पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि समर्पित नेतृत्व और सही योजना से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।
मुख्यमंत्री ने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में रहें और योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों से सीख लेकर उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।
उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा और धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का भी अवलोकन करेगा।

