रायपुर/छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। बीजापुर और कांकेर जिलों के 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की खुशी साझा की।
इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से उनके पुराने जीवन और वर्तमान हालात पर विस्तार से बातचीत की। नक्सलियों ने बताया कि जहां पहले उनका जीवन जंगलों में डर और असुरक्षा के बीच गुजरता था, वहीं अब वे परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
कई लोगों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार अपने परिवार के साथ होली जैसे त्योहार मनाए, जो उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव रहा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उनके गांवों में अब सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत बदलाव नहीं, बल्कि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर इन लोगों ने समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है।
सरकार ने पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी मदद का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है और केंद्र सरकार के संकल्प के तहत इसे जल्द खत्म किया जाएगा।इस मौके पर गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

