रायपुर/छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशभर के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से शुरू हो गई है।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस शुरू की गई हैं, जिन्हें “चलते-फिरते ICU” कहा जा रहा है। ये विशेष रूप से नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के लिए तैयार की गई हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहरों में 15 मिनट और गांवों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध हो, ताकि किसी भी मरीज को समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हुआ है और लोगों का भरोसा सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एम्बुलेंस सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई होगी और इसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है।
नई नियोनेटल एम्बुलेंस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन और 41 प्रकार की जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। साथ ही प्रशिक्षित तकनीशियन, 24×7 EMT और डॉक्टरों की ऑनलाइन निगरानी भी सुनिश्चित की गई है।
वहीं BLS और ALS एम्बुलेंस में भी मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक और उन्नत उपचार देने के लिए BP मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ECG, ग्लूकोमीटर और ऑक्सीजन सपोर्ट जैसी सुविधाएं दी गई हैं।सरकार का दावा है कि यह पहल प्रदेश के शहरी और दूरस्थ दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, सुलभ और प्रभावी बनाएगी, जिससे जरूरतमंदों को समय पर जीवनरक्षक मदद मिल सकेगी।

