दिल्ली/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के विकास की नई दिशा तय करने वाला व्यापक ब्लूप्रिंट पेश किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के अंत के बाद क्षेत्र में स्थापित शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और उन्हें मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण भी दिया। प्रस्तावित दौरे को लेकर सरकार ने कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे बस्तर के लिए टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में स्पष्ट किया कि बस्तर अब डर और हिंसा के दौर से निकलकर विकास और संभावनाओं की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने “बस्तर 2.0” के तहत एक 360 डिग्री विकास मॉडल तैयार किया है, जिसमें बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन सभी क्षेत्रों पर समान रूप से फोकस किया गया है। इस योजना के जरिए दूरस्थ गांवों तक सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी पहुंचाने के साथ-साथ अधूरी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। बस्तर में एजुकेशन सिटी, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार भी किया जा रहा है। वहीं, इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण, रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन और जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार जैसे प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी को नई मजबूती देंगे।
कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनसे हजारों हेक्टेयर भूमि को पानी मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। सरकार का लक्ष्य 2029 तक बस्तर के अधिकांश परिवारों की मासिक आय को दोगुना करना है। इसके साथ ही युवाओं के लिए स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर दिया जा रहा है, जिसके तहत हजारों युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।
पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क और एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े प्रोजेक्ट्स को विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत के दम पर बस्तर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “बस्तर मुन्ने” जैसे अभियानों के माध्यम से सरकार सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों को योजनाओं का लाभ दे रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर दस्तावेज़ तैयार करने और समस्याओं का मौके पर समाधान करने की पहल की जा रही है, जिससे आम लोगों का भरोसा और भागीदारी बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर राज्य सरकार उत्साहित है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत होगी, जो बस्तर के विकास को नई गति देंगी। नक्सलवाद से मुक्त होकर अब बस्तर तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और “बस्तर 2.0” इस बदलाव की मजबूत आधारशिला बनता नजर आ रहा है।

