रायपुर/उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से पुलिस प्रक्रिया तेज और आसान हुई है आईसीजेएस के तहत पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक, जेल और न्यायालय—इन पांचों स्तंभों के एकीकरण में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। दुर्ग और बिलासपुर को पायलट मॉडल जिले के रूप में विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि ई-साक्ष्य, ऑनलाइन एफआईआर, ई-कोर्ट और डिजिटल सिस्टम से जांच और न्याय प्रक्रिया में तेजी आई है। पुलिसकर्मियों के लिए 8 बैंकों से एमओयू कर बिना प्रीमियम सैलरी अकाउंट बीमा सुविधा भी दी गई है।गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में नशा, साइबर अपराध, अवैध प्रवासियों और ऑनलाइन जुए के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 255 ऑनलाइन जुआ लिंक बंद किए गए और कई साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है।
नक्सलवाद पर उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और पुनर्वास नीति के चलते बड़ी संख्या में माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित किया है।उन्होंने बताया कि जेलों में सुधार के तहत चार केंद्रीय जेलों को आईएसओ प्रमाणन मिला है और रायपुर जेल में “उमंग-तरंग” रेडियो स्टेशन संचालित किया जा रहा है।

