रायपुर/छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को एजेंसी ने कोर्ट में 6वां पूरक चालान पेश किया है। यह चालान पूर्व IAS निरंजन दास सहित 6 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया है।इस पूरक चालान में कुल 6300 पन्ने शामिल हैं।
नामजद आरोपी
निरंजन दास (पूर्व IAS)
नितेश पुरोहित
यश पुरोहित
मुकेश मनचंदा
अतुल सिंह
दीपेन चावड़ा
जांच में सामने आए मुख्य खुलासे
EOW की जांच के अनुसार—
पूर्व आयुक्त निरंजन दास पर आरोप है कि उन्होंने कारोबारी अनवर ढेबर और अधिकारियों के साथ मिलकर एक नेटवर्क खड़ा किया।
यह नेटवर्क हर महीने करीब 50 लाख रुपये अवैध कमाई करता था।
50 करोड़ रुपये की काली कमाई से संपत्तियां खरीदे जाने के सबूत मिले हैं।
जांच में यह भी पाया गया कि—
प्रिज़्म होलोग्राफिक सिक्योरिटी फिल्म्स को योग्यता नहीं होने के बाद भी टेंडर दिलाया गया।
हर होलोग्राम पर 8 पैसे कमीशन तय किया गया।
इस प्रक्रिया से राज्य को लगभग 1200 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
कैसे चलता था पूरा सिंडिकेट?
EOW के अनुसार—
अवैध कमाई का पैसा अनवर ढेबर तक पहुंचता था।
जनवरी 2019 से फरवरी 2020 के बीच यह रकम रायपुर की जेल रोड स्थित गिरीराज होटल में रखी जाती थी।
होटल का स्वामित्व यश और नितेश पुरोहित के पास है।
अनवर का मैनेजर दीपेन चावड़ा रकम को भिलाई तक पहुंचाता था।
भिलाई में लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू और चैतन्य बघेल पैसे का प्रबंधन करते थे।
इसी नेटवर्क के जरिए निरंजन दास तक भी हिस्सेदारी पहुंचाई जाती थी।

