रायपुर/राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार “गौधाम योजना” की शुरुआत करने जा रही है। योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai 14 मार्च को Bilaspur स्थित Guru Ghasidas Central University के प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे।
इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाए गए 29 गौधामों का भी उद्घाटन किया जाएगा। कार्यक्रम में कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री Ramvichar Netam और छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष Visheshar Patel सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
सरकार के अनुसार, “गौधाम योजना” के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह पूरे प्रदेश में कुल 1460 गौधाम बनाए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 36 गौधामों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से 29 का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में हो चुका है। इन गौधामों का शुभारंभ 14 मार्च को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से किया जाएगा, जबकि अन्य जिलों के गौधामों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से होगा।
योजना का उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जब्त किए गए गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को सुनिश्चित करना है। गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
राज्य सरकार गौधाम संचालन के लिए वित्तीय सहायता भी देगी। इसमें पहले वर्ष 10 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन पोषण आहार सहायता दी जाएगी। इसके अलावा अधोसंरचना निर्माण और मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार का मानना है कि इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या कम होगी और गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

