जशपुर/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य की धरती के कण-कण में भगवान श्रीराम का वास है। वे आज जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और उनके चरित्र को जन-जन के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने व्यासपीठ पर विराजमान संत चिन्मयानंद बापूजी को नमन करते हुए कहा कि इस कथा महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है।
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है और यही भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है। उन्होंने बताया कि वनवास के दौरान श्रीराम ने दंडकारण्य और छत्तीसगढ़ के जंगलों में लंबा समय बिताया, जिसके कारण यहां के अनेक स्थल आज भी रामकथा के साक्ष्य हैं।
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए इसे भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा कि यह ऐतिहासिक कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प से संभव हुआ।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की “रामलला दर्शन योजना” के तहत अब तक करीब 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन कर चुके हैं। साथ ही प्राण प्रतिष्ठा के दौरान छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन चावल और 100 टन से अधिक सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं, जो ननिहाल की श्रद्धा का प्रतीक है।
सीएम ने रामनामी समुदाय की विशेष परंपरा का भी जिक्र किया, जहां लोग अपने शरीर पर ‘राम-राम’ गुदवाकर अपनी भक्ति व्यक्त करते हैं।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। 2 अप्रैल से शुरू हुई श्रीराम कथा 8 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें दूर-दराज से लोग पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है।

