रायपुर/छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज एक सकारात्मक और प्रतीकात्मक दृश्य देखने को मिला, जब माओवाद की विचारधारा त्यागकर संविधान की राह अपनाने वाले 120 पुनर्वासित युवाओं ने सदन की कार्यवाही देखी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से संवाद किया।
मुख्यमंत्री साय ने इन युवाओं से मुलाकात को अत्यंत संतोषप्रद बताते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताना बदलाव की बड़ी मिसाल है। उन्होंने पुनर्वास का निर्णय लेने वाले सभी युवाओं का अभिनंदन करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवनयापन करें और आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से राज्य की पुनर्वास नीति को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।
साय ने इसे लोकतंत्र की ताकत बताते हुए कहा कि जो युवा कभी हिंसा के रास्ते पर थे, आज वही संविधान के मंदिर यानी विधानसभा में खड़े होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साक्षी बने हैं यह इस बात का प्रमाण है कि संवाद और विश्वास से बदलाव संभव है।

