रायपुर/जी राम जी योजना रोजगार की गारंटी से पहले सियासी बयानबाज़ी और नामकरण की जंग में उलझती दिख रही है। छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।
कांग्रेस के विरोध पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार करते हुए कहा कि देश की कई योजनाओं में महात्मा गांधी का नाम नहीं है, जबकि एक ही परिवार के नाम पर कई परियोजनाएं चलाई गईं।
मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस की नाम आधारित राजनीति बताया।
महात्मा गांधी को मिटाने का प्रयास हो रहा – भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना को बंद कर दिया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी को मिटाने का प्रयास हो रहा है, लेकिन गांधी जी को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
भूपेश बघेल ने 1948 में गांधी जी द्वारा कांग्रेस को भंग करने की बात और ‘हे राम’ उनके अंतिम शब्दों का ज़िक्र करते हुए कहा कि गांधी विचारधारा किसी नाम से नहीं, बल्कि कर्म से जीवित रहती है।
कांग्रेस एक परिवार की पार्टी बनकर रह गई – अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा नामों को लेकर राजनीति करती रही है। आज कांग्रेस एक परिवार की पार्टी बनकर रह गई है।

