रायपुर/छत्तीसगढ़ का बालोद जिला इन दिनों देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा और गौरव का प्रतीक बन गया है। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी ने बालोद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस ऐतिहासिक जंबूरी में देश-विदेश से आए करीब 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जंबूरी के दौरान राष्ट्रीय स्तर के कैंपिंग कार्यक्रम, रोवर-रेंजर प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संध्याएं और सामुदायिक सेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागी अनुशासन, सेवा और नेतृत्व जैसे मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव होंगे। उन्होंने जंबूरी में शामिल सभी रोवर-रेंजरों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका सेवा भाव और उत्साह छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में और ऊंचाई तक ले जाएगा।

