कोरबा/कांग्रेस के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के हालिया बयान ने पार्टी के भीतर एक बार फिर आंतरिक मतभेदों की चर्चा तेज कर दी है। एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि वे कांग्रेस सरकार में मंत्री थे, लेकिन कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री से असहमति रखते थे।
उनके इस बयान के बाद कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत है।
इंटरव्यू के दौरान जयसिंह अग्रवाल से जब यह सवाल पूछा गया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और मौजूदा भाजपा सरकार में से किसका कार्यकाल बेहतर रहा, तो उन्होंने कहा कि न तो कांग्रेस के पांच साल पूरी तरह संतोषजनक रहे और न ही भाजपा सरकार के अब तक के कार्यकाल को वे बेहतर मानते हैं।
जयसिंह अग्रवाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कुछ मामलों में वे गलत निर्णयों के खिलाफ आवाज उठाते रहे। उन्होंने यह स्वीकार किया कि सरकार के दौरान हुई कुछ अनियमितताओं पर अब कार्रवाई हो रही है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद भी जयसिंह अग्रवाल ने सार्वजनिक रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर टिप्पणी की थी, जिस पर पार्टी की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जयसिंह अग्रवाल के ताजा बयान की जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। हाल ही में कांग्रेस ने पार्टी विरोधी बयानबाजी के आरोप में एक अन्य नेता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस मामले में क्या रुख अपनाती है।
इस बीच, कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं और पूर्व पदाधिकारियों के बीच भी इस बयान को लेकर चर्चा देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

