रायपुर/छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद विवाद तेज हो गया है। चयन सूची में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सैकड़ों अभ्यर्थी गुरुवार को बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंचे और याचिका दायर की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कई जिलों में एक ही श्रेणी में कम अंक पाने वाले उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया, जबकि अधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थी चयन से बाहर हो गए।
विवाद बढ़ता देख गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पुलिस आरक्षक भर्ती में गड़बड़ी को लेकर मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और 21 दिसंबर को वे स्वयं अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे।
21 दिसंबर को अभ्यर्थियों से करेंगे मुलाकात
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया को लेकर आपत्ति है, वे 21 दिसंबर को उनसे सीधे अपनी शिकायत रख सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
एसपी कार्यालय में भी कर सकते हैं शिकायत
गृहमंत्री ने यह भी कहा कि अभ्यर्थियों के लिए एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था पहले से मौजूद है। उन्होंने बताया कि मार्क्स डिस्प्ले को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं। UPSC पैटर्न के अनुसार अंकों को सार्वजनिक करने का नियम है। शिकायतें मिलने के बाद 9 केंद्रों में अभ्यर्थियों के अंक जारी किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला
अभ्यर्थियों का आरोप है कि कई जिलों में कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को चयनित कर लिया गया, जबकि अधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया। इसके अलावा कुछ उम्मीदवारों के नाम एक ही जिले में सामान्य और ओबीसी दोनों वर्गों की प्रतीक्षा सूची में पाए गए हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ न्याय हो सके।

