रायपुर/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन और नए एजेंडों पर चर्चा के बाद विभिन्न प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु भेजने पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वन्यजीव प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।
सीएम ने कहा कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्य ही किए जाएं और सभी गतिविधियां सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप संचालित हों।बैठक में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति गठन को मंजूरी दी गई, जो वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में 11 सदस्यों के साथ कार्य करेगी। इससे वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों के त्वरित निपटान में मदद मिलेगी।
इसके अलावा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व, सेमरसोत अभ्यारण्य और गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से जुड़े बांध मरम्मत, सड़क मजबूतीकरण, ऑप्टिकल फाइबर बिछाने और सीआरपीएफ कैंप स्थापना सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव विकास शील सहित वरिष्ठ अधिकारी और बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे।

