नारायणपुर/नारायणपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गढ़बेंगाल स्थित आधुनिक घोटुल का भ्रमण कर बस्तर की समृद्ध आदिवासी परंपरा और लोक-संस्कृति के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। पारंपरिक मांदर की थाप और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए।

मुख्यमंत्री ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन करते हुए कहा कि घोटुल आदिवासी समाज के लिए सदियों से शिक्षा और संस्कार का केंद्र रहा है। चेंदरू पार्क के समीप निर्मित यह आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ देश-दुनिया के पर्यटकों को बस्तर की जीवनशैली, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं-युवतियों के लिए बनाए गए कक्षों, सांस्कृतिक संग्रहालय और घोटुल परिसर का निरीक्षण किया। ग्रामीणों के आग्रह पर उन्होंने बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर स्थानीय खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। साथ ही पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और लोक-कलाकार बुटलू राम सहित बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट कर उनका सम्मान किया।मुख्यमंत्री ने इको-फ्रेंडली सामग्री से बने इस घोटुल को बस्तर की गौरवशाली विरासत का जीवंत प्रतीक बताया।

