रायपुर/केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज मोदी सरकार की ओर से केंद्रीय बजट 2026–27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा। बजट को लेकर देशभर में आम जनता से लेकर मिडिल क्लास तक को रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में राहत की उम्मीद थी। हालांकि बजट के ऐलान के बाद विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट को निराशाजनक बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। अपने दौरे पर निकलने से पहले भिलाई निवास में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट प्रतिगामी असर वाला है और इसमें कृषि, उद्योग, रोजगार और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों के लिए कोई ठोस प्रावधान नजर नहीं आता।
भूपेश बघेल ने कहा कि बजट में आम जनता, खासकर मिडिल क्लास के लिए कुछ भी नया नहीं है। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद टूट गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस बजट में शराब महंगी कर दी गई है और मछली सस्ती, लेकिन देश के विकास को लेकर कोई स्पष्ट दिशा दिखाई नहीं देती।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के बाद शेयर बाजार का गिरना भी इसकी असलियत को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने किसी भी राज्य को विशेष लाभ नहीं दिया है और छत्तीसगढ़ को अडानी के भरोसे छोड़ दिया गया है। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री जब भी छत्तीसगढ़ आते हैं, तो विकास योजनाओं से ज्यादा ध्यान अडानी से जुड़ी योजनाओं पर दिया जाता है।
भूपेश बघेल ने कहा कि यह बजट आम आदमी की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता और देश की आर्थिक चुनौतियों का कोई ठोस समाधान पेश नहीं करता।

