जशपुर/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर सर्किट हाउस परिसर में विकसित ‘मातृत्व वन’ का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मातृत्व वन प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है और आने वाले समय में यह पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
करीब 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस वन में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक संवेदनाओं को भी मजबूती देने का एक अनूठा उदाहरण मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों ने अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और इस अभियान के जरिए हम माँ के सम्मान को प्रकृति से जोड़ने का सार्थक प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेगी।मातृत्व वन में टिकोमा, झारुल, सीताअशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन और जामुन जैसे पर्यावरणीय व औषधीय महत्व के पौधे लगाए गए हैं। ये न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाएंगे, बल्कि जैव विविधता और स्वास्थ्य के लिहाज से भी उपयोगी साबित होंगे।इस पहल का उद्देश्य ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

