जगदलपुर/राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जगदलपुर में संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने ‘जय जोहार’ कहकर जनता का अभिवादन किया और कहा कि छत्तीसगढ़ संस्कृति की भव्यता का प्रतीक है।
राष्ट्रपति ने बस्तर पंडुम में लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और आदिवासी कला, संस्कृति, व्यंजन और परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर आकर उन्हें अपने घर जैसा महसूस होता है।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने बस्तर के विकास, शांति बहाली और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने शिक्षा, एकलव्य विद्यालय, नियद नेल्लानार योजना और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्रपति ने युवाओं से शिक्षा अपनाने, मुख्यधारा से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक संपदा और संस्कृति देश का गौरव है।

